संसार
निश्वासों का नीड़, निशा काबन जाता जब शयनागार,लुट जाते अभिराम छिन्नमुक्तावलियों के बन्दनवार, तब बुझते तारों के नीरव…
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निश्वासों का नीड़, निशा काबन जाता जब शयनागार,लुट जाते अभिराम छिन्नमुक्तावलियों के बन्दनवार, तब बुझते तारों के नीरव…
मैं अनन्त पथ में लिखती जोसस्मित सपनों की बातें,उनको कभी न धो पायेंगीअपने आँसू से रातें! उड़ उड़…
बनबाला के गीतों सानिर्जन में बिखरा है मधुमास,इन कुंजों में खोज रहा हैसूना कोना मन्द बतास। नीरव नभ…
रजतकरों की मृदुल तूलिकासे ले तुहिन-बिन्दु सुकुमार,कलियों पर जब आँक रहा थाकरूण कथा अपनी संसार; तरल हृदय की…
निशा की, धो देता राकेशचाँदनी में जब अलकें खोल,कली से कहता था मधुमासबता दो मधुमदिरा का मोल; बिछाती…
महादेवी वर्मा का जन्म फ़र्रूख़ाबाद, उत्तर प्रदेश के एक संपन्न परिवार में हुआ। इस परिवार में लगभग २०० वर्षों या सात…
वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुर्झाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना;…