पढ़ें →
1 मिनट
श्री बृहस्पति देव की आरती
जय वृहस्पति देवा,ऊँ जय वृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगाऊँ,कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति…
पढ़ें →
1 मिनट
विचार
” ख़ुशी बनी बनाई नहीं मिलती। यह आपके कार्यों से आती है।”
पढ़ें →
1 मिनट
बालकाण्ड
प्रथम सोपान-मंगलाचरण श्लोक : * वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥ भावार्थ:-अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छन्दों…
पढ़ें →
1 मिनट
बया
बया हमारी चिड़िया रानी। तिनके लाकर महल बनाती,ऊँची डालों पर लटकाती,खेतों से फिर दाना लातीनदियों से भर लाती…
पढ़ें →
1 मिनट
अनोखी तरकीब
बहुत पुरानी बात है। एक अमीर व्यापारी के यहाँ चोरी हो गयी। बहुत तलाश करने के बावजूद सामान…
पढ़ें →
1 मिनट
अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा
भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता…
पढ़ें →
1 मिनट

