जज- तुम्हारा जुर्म साबित हो चुका है। कल तुम्हें फांसी पर चढ़ाया जायेगा। पप्पू सुनार – वो तो ठीक है लेकिन उतारा कब जायेगा? दुकान भी तो खोलनी है, धंधा वैसे ही मंदा चल रहा है।
जज- तुम्हारा जुर्म साबित हो चुका है। कल तुम्हें फांसी पर चढ़ाया जायेगा। पप्पू सुनार – वो तो ठीक है लेकिन उतारा कब जायेगा? दुकान भी तो खोलनी है, धंधा वैसे ही मंदा चल रहा है।
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