इस दिन भगवान कृष्ण एवम गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती हैं | खासतौर पर किसान इस पूजा को करते हैं |इसके लिए घरों में खेत की शुद्ध मिट्टी अथवा गाय के गोबर से घर के द्वार पर,घर के आँगन अथवा खेत में गोवर्धन पर्वत बनायें जाते हैं और उन्हें 56 भोग का नैवेद्य चढ़ाया जाता हैं |
विधि … सुबह जल्दी स्नान करने के बाद घर की रसौई में ताजे पकवान बनाये जाते हैं |घर के आँगन में अथवा खेत में गोबर से भगवान गोवर्धन की प्रतिमा बनाई जाती हैं |साथ में गाय, भैंस, खेत खलियान, बैल, खेत के औजार, दूध दही एवम घी वाली, चूल्हा आदि को गोबर अथवा मिट्टी से बनाया जाता हैं | इस पूजा में खेती से जुड़ी सभी चीजो एवम जलवायु प्राकृतिक साधनों की पूजा की जाती हैं इस लिए जितना संभव हो उतना बनाकर पूजा में शामिल किया जाता हैं |इसके बाद पूजा की जाती हैं |नैवेद्य चढ़ा कर कृष्ण भगवान की आरती की जाती हैं |इस दिन पूरा परिवार एक साथ भोजन करता हैं |
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