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प्रथम आयाम

ठाकुर जी

28 May 2025 · 1 मिनट पठन · guptadivya513

ठंडे पानी से नहलातीं,

ठंडा चंदन इन्हें लगातीं,

इनका भोग हमें दे जातीं,

फिर भी कभी नहीं बोले हैं।

माँ के ठाकुर जी भोले हैं।

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