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कहानी

प्यासा कौआ

22 Aug 2015 · 1 मिनट पठन · COMPANY MITRA

एक बार की बात है. एक जंगल में एक कौआ रहता था. एक बहुत गरम दिन उसे बहुत जोर से प्यास लगी. पानी की खोज में वह बहुत इधर-उधर उड़ा परन्तु बहुत खोजने पर भी उसे कही पानी नहीं मिला. जब वो बहुत तक गया तब उससे एक घड़ा दिखा. उस घड़े में बहुत कम पानी था. कौवे ने उस घड़े से पानी पीने का प्रयास किया मगर उसकी चोंच पानी तक ना पहुंच पाई.  कौआ बहुत उदास हो गया. अचानक उसे एक उपाय सुझा. वो इधर – उधर से एक-एक कर बहुत से कंकड़ – पत्थर इकट्टे करने लगा. फिर वो कंकड़ – पत्थर एक-एक कर अपनी चोंच से उस घड़े में डालने लगा. कुछ देर बाद ही घड़े का पानी, डाले गए पत्थरों से उप्पर आ गया और कौवे ने पानी से अपनी प्यास बुझाई.

एक तरह से कौवे ने अपनी चतुराई, मेहनत और धैर्य से अपनी प्यास बुझा कर अपना जीवन बचाया !

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