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विचार

भगवान गौतम बुद्ध

30 Nov 2015 · 1 मिनट पठन · COMPANY MITRA
  1. शांति मन के अन्दर से आती है।. इसके बिना इसकी तलाश मत करो.
  2. वे जो 50 लोगों से प्रेम करते हैं उन्हें 50 चिंताएं हैं, और कोई किसी से प्रेम नहीं करता उसे कोई चिंता नहीं होती.
  3. एक शुद्ध निःस्वार्थ जीवन जीने के लिए, एक व्यक्ति को प्रचुरता में भी कुछ भी अपना नहीं है ऐसा भरोसा करना चाहिए.
  4. निश्चित रूप से जो नाराजगी युक्त विचारों से मुक्त रहते हैं वही शांति पाते हैं.
  5. अपनी मुक्ति के लिए काम करो.  दूसरों पर निर्भर मत रहो.
  6. पैर तभी पैर महसूस करता है जब यह जमीन को छूता है.
  7. हजार लड़ाई जीतने से अच्छा है अपने आप को जीतना. फिर जीत तुम्हारी है. इसे तुमसे कोई नहीं ले सकता न ही स्वर्गदूतों द्वारा न ही राक्षसों द्वारा, न ही स्वर्ग या नरक में.
  8. शक की आदत से अधिक भयानक कुछ भी नहीं है. शक लोगों को अलग करती है. यह एक जहर है जो दोस्ती और अच्छे संबंध को तोड़ देता है. यह एक कांटा है जो परेशान करता है और दर्द देता है, यह एक तलवार हैं जो मार डालता है.
  9. बुद्धिमानी से जीनेवाले को मौत से भी डर नहीं लगता है.
  10. जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही बन जाते हैं.
  11. अराजकता सभी जटिल बातों में निहित है. परिश्रम के साथ प्रयास करते रहो.
  12. आकाश में पूरब और पश्चिम का कोई भेद नहीं है, लोग अपने मन में भेदभाव को जन्म देते हैं और फिर यह सच है ऐसा विश्वास करते हैं.
  13. जैसे एक मोमबत्ती आग के बिना नहीं जल सकता है, उसी तरह मनुष्य एक आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता है.
  14. एक हजार खोखले शब्दों से वह एक शब्द बेहतर है जो शांति लाता है.
  15. तुम्हे अपने गुस्से के लिए दंडित नहीं किया जाएगा, तुम्हे अपने गुस्से द्वारा दंडित किया जाएगा.
  16. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, विश्वास सबसे बेहतर संबंध है.
  17. घृणा घृणा से नहीं मिट सकता बल्कि सिर्फ प्यार से. यह शाश्वत नियम है.
  18. एक निष्ठाहीन और बुरे दोस्त से जानवरों की अपेक्षा ज्यादा भयभीत होना चाहिए ; क्यूंकि एक जंगली जानवर सिर्फ आपके शरीर को घाव दे सकता है, लेकिन एक बुरा दोस्त आपके दिमाग में घाव कर  जाएगा.
  19. क्रोधित रहना, किसी और पर फेंकने के इरादे से एक गर्म कोयला अपने हाथ में रखने की तरह है, जो तुम्ही को जलती है.
  20. आप चाहे कितने भी पवित्र शब्दों को पढ़ या बोल लें, लेकिन जब तक उनपर अमल नहीं करते उसका कोई फायदा नहीं है .
  21. हम आपने विचारों से ही अच्छी तरह ढलते हैं; हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं ,जब मन पवित्र होता है तो ख़ुशी परछाई की तरह हमेशा हमारे साथ चलती है.
  22. तीन चीजों को लम्बी अवधि तक छुपाया नहीं जा सकता, सूर्य, चन्द्रमा और सत्य .
  23. हजारों दियो को एक ही दिए से, बिना उसके प्रकाश को कम किये जलाया जा सकता है | ख़ुशी बांटने से ख़ुशी कभी कम नहीं होती .
  24. सत्य के रस्ते पर कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है, या तो वह पूरा सफ़र तय नहीं करता या सफ़र की शुरुआत ही नहीं करता .
  25. जीभ एक तेज चाकू की तरह बिना खून निकाले ही मार देता है | 
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