हिन्दी कविताएँ, कहानी,जीवन परिचय,व्रत कथाएँ , भजन ,आरती, चालीसा,लोक गीत,चुटकुलेऔर प्रेरक विचार
विचार

सुभाष चन्द्र बोस

4 Dec 2015 · 1 मिनट पठन · COMPANY MITRA

1-“तुम मुझे खून दो ,मैं तुम्हें आजादी दूंगा !” 

2-“ये हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का मोल अपने खून से चुकाएं. हमें अपने बलिदान  और परिश्रम से जो आज़ादी मिलेगीहमारे अन्दर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए.”
3-“आज हमारे अन्दर बस एक ही इच्छा होनी चाहिए, मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके! एक     शहीद की मौत मरने की इच्छा ताकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीदों के खून से प्रशश्त हो सके.”

4-मुझे यह नहीं मालूम की स्वतंत्रता के इस युद्ध में हममे से कौन  कौन   जीवित बचेंगे ! परन्तु में यह जानता हूँ ,अंत में विजय हमारी ही होगी !”

5-मेरे  मन  में  कोई  संदेह  नहीं  है  कि  हमारे  देश  की  प्रमुख समस्यायों जैसे गरीबी ,अशिक्षा ,   बीमारीकुशल  उत्पादन  एवं   वितरण  का समाधान  सिर्फ  समाजवादी  तरीके  से  ही  की        जा  सकती  है .”
6-“कष्टों का निसंदेह एक आंतरिक नैतिक मूल्य होता है !”

7-“मुझमे जन्मजात प्रतिभा तो नहीं थी ,परन्तु कठोर परिश्रम से बचने की प्रवृति मुझमे कभी नहीं   रही !”
8-“हम संघर्षों और उनके समाधानों द्वारा ही आगे बढ़ते हैं !”
9-“हमारी राह भले ही भयानक और पथरीली हो ,हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक  हो , फिर   भी हमें आगे बढ़ना ही है ! सफलता का दिन दूर हो सकता है ,पर उसका आना अनिवार्य है !”

10-“श्रद्धा की कमी ही सारे कष्टों और दुखों की जड़ है !”

11-“मैं संकट एवं विपदाओं से भयभीत नहीं होता ! संकटपूर्ण दिन आने पर भी मैं भागूँगा नहीं वरन  आगे बढकर कष्टों को सहन करूँगा !”

12-“इतना तो आप भी मानेंगे ,एक एक दिन तो मैं जेल से अवश्य मुक्त हो जाऊँगा ,क्योंकि      प्रत्येक दुःख का अंत होना अवश्यम्भावी है !”

13-“अगर संघर्ष रहे ,किसी भी भय का सामना करना पड़े ,तब जीवन का आधा स्वाद ही        समाप्त हो जाता है !”

14-“असफलताएं कभी कभी सफलता की स्तम्भ होती हैं !”
15-समय से पूर्व की परिपक्वता अच्छी नहीं होती ,चाहे वह किसी वृक्ष की हो ,या व्यक्ति की और उसकी हानि आगे चल कर भुगतनी ही होती है !”

16-सुबह से पहले अँधेरी घडी अवश्य आती है ! बहादुर बनो और संघर्ष जारी रखो ,क्योंकि स्वतंत्रता  निकट है !

17-“जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे !”

18-“संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया ! मुझमे आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ ,जो पहले नहीं था !”

19-यदि आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े तब वीरों की भांति झुकना !”
20-राष्ट्रवाद  मानव  जाति  के  उच्चतम आदर्श सत्य, शिव और  सुन्दर  से   प्रेरित  है .”


 

साझा करें:

Leave a Reply

Discover more from हिंदी संग्रह

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading