जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
रूप मे अनूप चारो भइया हो,
सब मंगल मनावो….
एक श्याम जो नील कमल हो
या जमुना का निर्मल जल हो
दूजे की है चांद सी गोरइया हो
सब मंगल मनावो …..
जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
बरसे सुमन सब देवगण आये
दरसन का सब लाभ उठाये
देत सब राजा को बधइया हो
सब मंगल मनावो ….
जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
जल गये दीपक मनी दिवाली
मंत्री करे खजाना खाली
राही बांटे कामधेनु गइयाँ हो
सब मंगल मनावो …..
जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
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