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सप्तपर्णा

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सप्तपर्णा 20 Jun 2025

जागरण

सज गया दक्षिणा का देखो वह महत यान,सब जाग उठे हैं अमृत पुत्र भी कान्तिमान ! आर्या अरुणा…

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सप्तपर्णा 20 Jun 2025

ज्योतिष्मती

आ रही उषा ज्योति:स्मित !प्रज्जवलित अग्नि है लहराती आभा सित । सब द्विपद चतुष्पद प्राणि जगत है चंचल,सविता…

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सप्तपर्णा 28 May 2025

उषा

दिवजाता शुभ्राम्बर-विलसित,नूतन, आभा से उद्भासित,भू-सुषमा की एक स्वामिनीशोभन आलोकित विहान दे । अरुण किरण के वाजि चन्द्र-रथ-ले करती…

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