हिन्दी कविताएँ, कहानी,जीवन परिचय,व्रत कथाएँ , भजन ,आरती, चालीसा,लोक गीत,चुटकुलेऔर प्रेरक विचार
हल्दी गीत

तन बदन पे हल्दी लगी, हाथ बांधे कंगना

29 Apr 2025 · 1 मिनट पठन · guptadivya513

तन बदन पे हल्दी लगी, हाथ बांधे कंगना 

   तन बदन पे हल्दी लगी, हाथ बंधे कंगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना …………..

सिर बन्नी के टीका सोहे

   झूमर संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना …………

कान  बन्नी के झुमका सोहे

   कुण्डल संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना …………….

पाँव बन्नी के पायल सोहे

   बिछुए संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना………………….. 

हाथ बन्नी के कंगन सोहे

   घड़ियां संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना ……………..

कमर बन्नी के तगड़ी सोहे

   गुच्छा संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना …………….

तन बन्नी के लहंगा सोहे

   घूँघट संभाले बन्नी बन्ना जी के आँगना 

   राम जाने कब होगा बन्ना जी से सामना ……………….

साझा करें:

Leave a Reply

Discover more from हिंदी संग्रह

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading